आरटीआई से बड़ा खुलासा-केदारनाथ-बदरीनाथ के चढ़ावे से वीआईपी मेहमाननवाजी.
देहरादून,। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने में लगे हुए सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आज नया खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीकेटीसी ने विगत यात्राकाल में तमाम अनाधिकृत व्यक्तियों के आवास, भोजन और हेलीकॉप्टर टिकट पर लाखों रुपए खर्च कर दिए। सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि बीकेटीसी प्रबंधन श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे के धन को अपने राजनीतिक प्रबंधन में उड़ाने में लगा हुआ है। भाजपा व आरएसएस नेताओं को खुश करने के लिए अनाधिकृत तरीके से उन्हें अतिथि दिखा कर आवास-भोजन आदि की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की सुपुत्री नेहा जोशी विगत वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के मौके पर वहां पहुंची थी। नेहा जोशी के 30 अप्रैल व 01 मई, 2025 का दो दिन के आवास-भोजन पर बीकेटीसी ने 60 हजार रुपए खर्च कर दिए।
केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल के 37,500, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी का 22,000 रुपए, आरएसएस नेता प्रकाश व निरंजन का 20,000 रुपए, रुद्रप्रयाग के भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट एवं अन्य कार्यकर्ताओं के 24,000 रुपए, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सहायक अजय श्रीवास्तव के 23,000 रुपए के आवास का बिल मंदिर समिति द्वारा भरा गया।
अधिवक्ता नेगी ने बताया कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, बीकेटीसी के अध्यक्ष व मुख्य कार्याधिकारी के अतिथि दिखा कर कई अन्य लोगों के आवास-भोजन पर भी लाखों रूपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बीकेटीसी ने गत वर्ष यात्राकाल के दौरान हेलीकॉप्टर टिकटों के भुगतान का जो विवरण दिया है, वो भी हैरान करने वाला है। बीकेटीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के अतिथियों के हेली टिकटों का भुगतान भी मंदिर कोष से किया गया। हेली किराए में भी लाखों रुपये खर्च किए गए।
सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार से बीकेटीसी में व्याप्त भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ व केदारनाथ धाम करोड़ों-करोड़ों सनातनियों की आस्था व श्रद्धा के केंद्र हैं। इन धामों में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। गौरतलब है कि अधिवक्ता नेगी सूचना अधिकार के माध्यम से लगातार बीकेटीसी में व्याप्त घपले-घोटाले उजागर करने में लगे हुए हैं। विगत दिनों उन्होंने बीकेटीसी के एक उपाध्यक्ष विजय सिंह कप्रवाण द्वारा अपनी पत्नी को अपने साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिखा कर बारह हजार रूपये और रुद्रप्रयाग में अपने घर पर कार्यालय दिखा कर पच्चीस हजार रूपये प्रतिमाह भुगतान लेने का मामला उजागर किया गया था। इसके अलावा मंदिर कोष से ग्यारह लाख रूपये केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों को बांटने का खुलासा भी किया था।